شایا تجلی
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| درباره من |
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شايا تجلي _ ترانه سُرا
اوْل / فروردين / 1356 ساعت هشت و ده دقيقه ي صبح بالهايي بر شانه هايش روييد كه پروانگي اش رو دامن زد و چنين شد كه از پيله زار ِ عدم به آيينه خانه ي وجود پر گشود. مجرد ، خانه اي بي آسمانه اي دارد و در تنهايي هايش كبوتري زمزمه نمي كند. در رشته هاي الهيات و هنر تحصيل مي كند و مطالعاتش بيشتر پيرامون رشته هاي تحصيلي و دلبستگي هايش مي باشد در خلوتش زمزمه ي گيتار با سكوت غم انگيز شاعرانه اش مضراب در مضراب و پنجه در پنجه جاريست. هنر ترانه سُرايي را نغمه هاي آفرينش مي داند |
| جنسیت |
: |
مرد |
| تاریخ تولد |
: |
1/1/1356 |
| وبلاگ | : |
http://shaya.parsiblog.com |
| وبسایت | : |
http://www.shaya.ir |
| کشور | : |
ایران |
| شهر | : |
تهران _ قم |
| محله | : |
آریا شهر _ هنرستان |
| تحصیلات | : |
لیسانس |
| شغل | : |
نویسنده و ترانه سرا |
| وزن | : |
73 kg |
| قد | : |
176 cm |
| اطلاعات ارسالیshaya |
| متن ترانه | : | 3 |
| نظرات | : | 1 |
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 (shaya) | |
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